स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 3 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से 81 दिनों की ‘गविष्टि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा’ की शुरुआत की। इस यात्रा का उद्देश्य देशभर में गो संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और गाय को “राष्ट्र माता” घोषित करने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना बताया जा रहा है।
इस अभियान को शुरुआत में धार्मिक और सामाजिक पहल के रूप में बताया गया है। आयोजकों के अनुसार, यह प्रयास भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
यात्रा के दौरान गांवों, कस्बों और शहरों में धर्म सभाएं, जनसंवाद और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में गोवंश संरक्षण, गौशालाओं की स्थिति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की भूमिका और कृषि व्यवस्था में गाय के महत्व पर चर्चा की जाएगी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यात्रा की शुरुआत के मौके पर कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय जीवनशैली और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण नींव भी है। उन्होंने समाज से गोवंश संरक्षण को एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की अपील की।
इस यात्रा को लेकर संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों में उत्साह देखा जा रहा है। वहीं राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस अभियान को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह यात्रा कई राज्यों से होकर गुजरेगी और गो संरक्षण का मुद्दा राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन सकता है।
उम्मीद की जा रही है कि यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों में गो संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना को और मजबूत करेगा।



