रायपुर। छसपा, सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज और छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल-गैस की कीमतों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश इस समय ईंधन संकट जैसी स्थिति का सामना कर रहा है, ऐसे में सरकार को फिजूल खर्ची रोकने के लिए बड़ा फैसला लेना चाहिए।
अनिल दुबे ने कहा कि सचिवालय, आयुक्त कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय सहित सभी सरकारी विभागों में अधिकारी-कर्मचारी निजी और सरकारी वाहनों का कम इस्तेमाल करें। उन्होंने सुझाव दिया कि साइकिल, पैदल, सिटी बस और बैटरी वाहनों को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही मंत्रियों और उनके परिवारों को मिलने वाली फॉलो वाहन सुविधा तत्काल बंद करने की मांग भी की।
उन्होंने कहा कि केवल जरूरी सेवाओं में लगे वाहनों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इनमें कानून व्यवस्था, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, अस्पतालों में डॉक्टरों की सेवा, नगर निगम के कचरा वाहन और बच्चों के स्कूल वाहन शामिल हैं। बाकी विभागों में वाहनों के उपयोग को सीमित किया जाए ताकि जनता के पैसे की बचत हो सके।
अनिल दुबे का कहना है कि पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान है। खाने-पीने की चीजों और दवाइयों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में सरकार और जनप्रतिनिधियों को सादगी का उदाहरण पेश करना चाहिए।
इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ज्ञापन भेजा गया है। इस दौरान चेतन देवांगन, लालाराम वर्मा, छन्नू साहू, विमल ताम्रकार, बृज बिहारी साहू, रामेश्वर चौहान, महेंद्र कौशिक, जगदंबा साहू, भगत वर्मा, श्यामू राम सेन, श्याम बाई ध्रुव, मनु बाई पटेल, राधा सिंह, रितु महंत, गंगाराम साहू और अशोक कश्यप सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।



