नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल चलाने वालों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आ रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ रहे तनाव का असर अब भारत पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी आ रही है, जिससे Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी सरकारी तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तेल कंपनियों को हर दिन करीब 1600 से 1700 करोड़ रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में यह घाटा बेहद बड़ा हो चुका है। ऐसे में अब चर्चा तेज हो गई है कि मई के मध्य तक पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ सकते हैं।
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है। ऐसे में अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बना रहा, तो आने वाले समय में सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं बल्कि ट्रांसपोर्ट, खाने-पीने का सामान और रोजमर्रा की कई चीजें भी महंगी हो सकती हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ने की आशंका है।



