नई दिल्ली में संसदीय गतिविधियों के बीच एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उपसभापतियों के पैनल का पुनर्गठन कर दिया है। इस नई समिति में अलग-अलग राजनीतिक दलों से छह सदस्यों को शामिल किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ से कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम का नाम भी प्रमुख रूप से सामने आया है।
यह पैनल राज्यसभा की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाता है, खासकर तब जब सभापति या उपसभापति सदन में मौजूद नहीं होते। ऐसे में इस समिति का गठन राजनीतिक संतुलन और अनुभव को ध्यान में रखते हुए किया जाता है।
पुनर्गठित पैनल में भाजपा से दिनेश शर्मा, एस फांगनोन कोन्याक और घनश्याम तिवारी को शामिल किया गया है। वहीं, AIADMK के एम. थंबीदुरई और BJD के सस्मित पात्रा को भी इस पैनल में जगह मिली है।
अधिसूचना के अनुसार, यह नया पैनल 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। इसके साथ ही राज्यसभा के उपसभापति के रिक्त पद को भरने के लिए 17 अप्रैल को सुबह 11 बजे चुनाव प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर इस पद के लिए चुना जा सकता है। वे पहले ही दो कार्यकाल तक इस जिम्मेदारी को निभा चुके हैं और हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत भी किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस पैनल में अलग-अलग दलों के नेताओं को शामिल करना संसद में संतुलन और संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।







