भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद और MSP को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
कमलनाथ का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने किसानों से गेहूं पर 2700 रुपये प्रति क्विंटल MSP देने का वादा किया था, लेकिन अब जमीन पर हालात बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार न तो बढ़ा हुआ MSP देने को तैयार दिख रही है और न ही किसानों की पूरी उपज खरीदने के लिए इच्छुक है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश के किसानों ने करीब 160 लाख टन गेहूं MSP पर बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने सिर्फ 78 लाख टन गेहूं की खरीद की सीमा तय की है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल MSP पर बेचने से वंचित रह सकते हैं।
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर गेहूं खरीद की प्रक्रिया को टाल रही है। उनका कहना है कि खरीद की तारीखें लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं, जिससे किसान परेशान होकर मजबूरी में अपनी फसल कम दाम पर बिचौलियों को बेचने पर मजबूर हो जाएं।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों ने MSP की कानूनी गारंटी की मांग की थी, लेकिन उस समय भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब मौजूदा स्थिति से सरकार की मंशा साफ नजर आ रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से मांग की है कि गेहूं की MSP खरीद का कोटा तुरंत बढ़ाया जाए और बिना देरी के खरीद प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सके।







