रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके से एक बड़ी खबर सामने आई है, जो राज्य में नक्सलवाद के खत्म होने की दिशा में अहम मानी जा रही है। DKSZCM (दरभा-कांगेर-सीतापुर ज़ोनल कमेटी) से जुड़े कुख्यात नक्सली पापाराव ने आखिरकार हथियार डाल दिए हैं।
बताया जा रहा है कि पापाराव ने अपने साथ AK-47 समेत कई आधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। लंबे समय से सक्रिय पापाराव को इस इलाके के आखिरी बड़े नक्सली चेहरों में गिना जाता था।
पिछले कुछ महीनों में बस्तर में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के चलते कई बड़े नक्सली या तो मुठभेड़ों में मारे गए या फिर मुख्यधारा में लौट आए। इसी कड़ी में पापाराव का सरेंडर एक बड़ा संकेत माना जा रहा है कि अब बस्तर में नक्सलवाद अपनी अंतिम अवस्था में है।
जानकारों का कहना है कि पापाराव के सरेंडर के बाद अब इलाके में सक्रिय नक्सलियों की संख्या बेहद कम रह गई है। ऐसे में बस्तर को जल्द ही ‘नक्सल मुक्त’ घोषित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अभी भी सतर्क हैं और किसी भी तरह की गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार और प्रशासन इस बदलाव को स्थायी बनाने के लिए पुनर्वास और विकास योजनाओं पर भी जोर दे रहे हैं।



