रायपुर। छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी का संकट युवाओं के बीच गंभीर रूप लेता दिख रहा है। राज्य के रोजगार कार्यालयों में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक बेरोजगार वे युवा हैं जिन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है।
ताजा पंजीकृत आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल 15 लाख 45 हजार 590 शिक्षित बेरोजगार रोजगार कार्यालय में दर्ज हैं। इनमें 12वीं पास युवाओं की संख्या 6 लाख 71 हजार 988 है, जो सभी श्रेणियों में सबसे अधिक है।
इसके बाद तकनीकी शिक्षा प्राप्त बेरोजगारों की संख्या 3 लाख 59 हजार 510 दर्ज की गई है। वहीं स्नातक (ग्रेजुएट) बेरोजगार 3 लाख 55 हजार 337 हैं।
उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं की स्थिति भी चिंताजनक है। प्रदेश में स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएट) बेरोजगारों की संख्या 2 लाख 4 हजार 661 है। इसके अलावा व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने वाले 1 लाख 9 हजार 978 युवा भी नौकरी की तलाश में हैं।
सबसे कम संख्या 10वीं पास बेरोजगारों की है, जिनकी तादाद 91 हजार 784 बताई गई है।
वर्गवार स्थिति भी चिंताजनक
पंजीकृत शिक्षित बेरोजगारों में
- अनुसूचित जाति (SC) के 2 लाख 26 हजार 273
- अनुसूचित जनजाति (ST) के 4 लाख 34 हजार 849
- अति पिछड़ा वर्ग (OBC) के 3 लाख 85 हजार 138
- सामान्य वर्ग के 4 लाख 99 हजार 330 युवा शामिल हैं।
इनमें से 7 लाख 29 हजार 484 महिलाएं और 8 लाख 16 हजार 106 पुरुष बेरोजगार हैं।
आंकड़ों के अनुसार, सामान्य वर्ग के बेरोजगारों की संख्या सबसे अधिक है।
हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि ये आंकड़े केवल उन्हीं युवाओं को दर्शाते हैं जिन्होंने रोजगार कार्यालय में अपना नाम दर्ज कराया है। वास्तविक बेरोजगारी इससे कहीं अधिक हो सकती है।
फिर भी, पंजीकृत बेरोजगारों के ये आंकड़े प्रदेश में रोजगार की मौजूदा स्थिति की एक स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं और युवाओं के लिए रोजगार सृजन की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।







