सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले निकाली जा रही “छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा” ने आज पाटन विधानसभा क्षेत्र में जनसैलाब खड़ा कर दिया। गांव-गांव पहुंच रही इस यात्रा में हजारों लोगों ने संगठन की सदस्यता लेकर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
इस रथ यात्रा का नेतृत्व राज्य निर्माण संग्राम सेनानी लालाराम वर्मा, आदिवासी नेता अशोक कश्यप, पंडवानी कलाकार चेतन देवांगन, किसान नेता शिवनारायण ताम्रकार, विमलेश चंद्राकर, कवि बिसरूराम कुर्रे और लोक कलाकार लक्ष्मीनारायण निषाद ने किया।
रथ यात्रा ने बटंग, अमलीडीह, भाठागांव, औरी, औघी, करसा, धुधुवा, बेन्द्री, घौर, सेलुद, फूंदा और अरसनारा सहित पाटन नगर क्षेत्र का भ्रमण किया। जैसे ही रथ गांवों में पहुंचा, “छत्तीसगढ़ी महतारी की जय” और “सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज जिंदाबाद” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। ‘छत्तीसगढ़ी महतारी की वंदना’ और ‘मोर संग चलव रे’ जैसे जागरण गीतों ने माहौल को भावनात्मक और जोशीला बना दिया। बच्चे, युवा, किसान और महिलाएं बड़ी संख्या में यात्रा से जुड़ते नजर आए।
रथ पर प्रदर्शित छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और बाहरी शोषण के प्रतीकों ने लोगों में गहरा असर डाला। सभा को संबोधित करते हुए यात्रा प्रभारी लालाराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण शोषणमुक्त समाज के सपने के साथ हुआ था, लेकिन आज राजनीतिक दलों ने इसे व्यापार का माध्यम बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी नेता, नौकरशाह और उद्योगपति प्रदेश के संसाधनों का अंधाधुंध दोहन कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि तुमगांव थाने में कथित रूप से छत्तीसगढ़ी महतारी को बंदी बनाए जाने के मामले में जिलाधीश विनय लहंगे और एसडीओपी अजय त्रिपाठी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। रथ यात्रा के माध्यम से इन अधिकारियों को जवाबदेह बनाने और कार्रवाई की मांग उठाई जा रही है।

पंडवानी कलाकार चेतन देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि आज छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति की लगातार उपेक्षा हो रही है। जिन लोगों के लिए यह राज्य बना, वही आज उपेक्षित और शोषित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्मिता की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़िया समाज को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
यात्रा संयोजक जागेश्वर प्रसाद ने बताया कि यह रथ यात्रा आगे भी गांव-गांव जाकर जनजागरण अभियान चलाएगी और संगठन को मजबूत करेगी।



