बिलासपुर/मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के छोटे से गांव टेढ़ाधौरा से निकलकर सुप्रिया ठाकुर ने पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। उन्होंने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयन हासिल कर यह साबित कर दिया कि सपने अगर बड़े हों और मेहनत सच्ची हो, तो गांव की बेटियां भी देश की वर्दी तक पहुंच सकती हैं।
सुप्रिया का चयन भारतीय सेना की SSC (W) Tech-66 Entry के तहत हुआ है। उन्हें 17 एसएसबी बोर्ड, बेंगलुरु से रिकमेंडेशन प्राप्त हुआ। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स वैकेंसी में ऑल इंडिया रैंक-4 (AIR-4) हासिल कर देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
सुप्रिया ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट जोसेफ कॉन्वेंट हायर सेकेंड्री स्कूल, तारबहार (बिलासपुर) से पूरी की। इसके बाद उन्होंने चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान वे एनसीसी से जुड़ी रहीं और ‘C’ सर्टिफिकेट प्राप्त किया। इसी दौरान उन्हें सेना के अनुशासन और गौरव को करीब से जानने का अवसर मिला, जिसने उनके भीतर देशसेवा का सपना और मजबूत कर दिया।
सुप्रिया बताती हैं कि बचपन से ही उनका सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का था। इस सफर में उनके माता-पिता और भाई ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। उनके पिता वैदेही शरण सिंह श्रीनेत और माता संतोषी सिंह श्रीनेत मूल रूप से मुंगेली जिले के ग्राम टेढ़ाधौरा के निवासी हैं।
सुप्रिया की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी उन्हें इस सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अब सुप्रिया ट्रेनिंग एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी और भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में देश की सेवा करेंगी। उनकी सफलता उन तमाम बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।



