कलेक्टर-विधायक से है पहचान… कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता” — शिक्षिका के बयान पर भड़के छात्र, स्कूल के बाहर जमकर धरना

Madhya Bharat Desk
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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक शिक्षिका के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। Swami Atmanand English Medium School, Dantewada में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने स्कूल के बाहर धरना देकर प्रशासन को चुनौती दे डाली। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब छात्रों ने शिक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना और अपमानजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए।

छात्रों ने आरोप लगाया है कि संबंधित महिला शिक्षिका पिछले तीन सालों से उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रही हैं। वे न सिर्फ छात्रों को अपमानजनक भाषा में डांटती हैं, बल्कि उनके अभिभावकों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां करती हैं। एक छात्रा ने बताया कि जब उन्होंने विरोध करने की कोशिश की, तो शिक्षिका ने कहा—“मेरी पहचान कलेक्टर और विधायक से है, कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” इस बयान ने छात्रों के गुस्से में आग में घी डालने का काम किया।

इस पूरे प्रकरण में छात्रों ने पहले जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। लेकिन जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो छात्रों ने स्कूल परिसर के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस विरोध में न केवल छात्र-छात्राएं बल्कि अभिभावक भी शामिल हुए। अभिभावकों ने कहा कि इस तरह के माहौल में बच्चे स्कूल में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे और पढ़ाई पर भी गहरा असर पड़ रहा है।

आक्रोशित छात्रों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक शिक्षिका को स्कूल से नहीं हटाया जाता, वे क्लास में नहीं बैठेंगे। स्कूल गेट के बाहर नारेबाजी जारी है और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

बढ़ते विवाद को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच टीम जल्द ही छात्रों, शिक्षिका और अभिभावकों के बयान दर्ज करेगी। अधिकारियों ने कहा है कि आरोप सही पाए जाने पर शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और प्रशासन दोनों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब सभी की नजरें इस मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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