उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 9,12,696.35 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में यह बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है।
मुख्यमंत्री ने इसे किसान, युवा और महिला केंद्रित बजट बताते हुए कहा कि यूपी लगातार 10 बजट पेश करने वाला पहला राज्य बन गया है और पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में कोई नया कर नहीं लगाया गया।
सरकार के अनुसार प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से मजबूत हुई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है, जो 2016-17 के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है। जीएसडीपी में 13.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है। उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है।
किसानों के लिए बड़ी सौगात
बजट में किसानों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने बताया कि गन्ना किसानों को अब तक 3,04,321 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया जा चुका है, जो पिछले 22 वर्षों से करीब 90,802 करोड़ रुपये अधिक है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। साथ ही नलकूपों से सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली आपूर्ति जारी रखने का फैसला लिया गया है।
युवाओं पर फोकस
युवाओं के लिए सरकार ने ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना और एआई मिशन की शुरुआत की है। पुलिस विभाग में अब तक 2.19 लाख से ज्यादा भर्तियां हो चुकी हैं और हजारों पदों पर प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बिना ब्याज ऋण देकर हर साल 1 लाख सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत करीब 50 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं।
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण
महिलाओं के लिए ‘सेफ सिटी परियोजना’ के तहत सीसीटीवी नेटवर्क और एंटी रोमियो स्क्वाड को मजबूत किया जा रहा है। वर्किंग वूमेन हॉस्टल निर्माण, सुमंगला योजना के तहत लाखों बालिकाओं को लाभ और महिला सामर्थ्य योजना के जरिए दुग्ध उत्पादन में महिलाओं को बढ़ावा देने की योजना भी शामिल है।
तकनीक और विकास पर जोर
सरकार ने स्टेट डेटा अथॉरिटी, डेटा सेंटर क्लस्टर और नई उभरती तकनीकों के लिए विशेष मिशन बनाने की घोषणा की है। औद्योगिक विकास के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना लाई जाएगी और उद्योगों के लाइसेंस व पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस बजट के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने, रोजगार बढ़ाने और यूपी को देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में मजबूत स्थान दिलाने का लक्ष्य है।



