रायपुर। राजधानी रायपुर के दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भाठागांव की जर्जर सड़कों को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने क्षेत्र की बदहाल सड़कों और धीमी रफ्तार से चल रहे निर्माण कार्य को लेकर सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 16 फरवरी तक सड़कों के गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई, तो 17 फरवरी को वे उन्हीं गड्ढों के बीच बैठकर एक दिवसीय अन्न-जल त्याग उपवास करेंगे।
11 महीने में सिर्फ 10–15% काम
कन्हैया अग्रवाल ने बताया कि जिस सड़क निर्माण कार्य को एक वर्ष में पूरा किया जाना था, उसे शुरू हुए लगभग 11 महीने बीत चुके हैं। इसके बावजूद जमीन पर महज 10 से 15 प्रतिशत कार्य ही नजर आता है। उन्होंने ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच भाठागांव की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।
धूल, गड्ढे और बढ़ती बीमारियां
क्षेत्रवासियों की परेशानी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों पर उड़ती धूल और गहरे गड्ढों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। धूल से सांस और फेफड़ों की बीमारियां बढ़ रही हैं, वहीं आए दिन दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आ रही हैं।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सड़क की दुर्दशा के कारण ग्राहक कम हो गए हैं, जिससे कारोबार पर सीधा असर पड़ा है और आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
प्रशासन को अल्टीमेटम
कन्हैया अग्रवाल ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा:
“यदि 16 फरवरी तक भाठागांव की सड़कों के गड्ढे नहीं भरे गए, तो 17 फरवरी को मैं अन्न-जल त्याग कर उन्हीं गड्ढों में बैठकर उपवास करूंगा। यह सिर्फ शुरुआत होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि इसके बाद भी निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई, तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
जिम्मेदार कौन?
उन्होंने क्षेत्र की बदहाली के लिए पूर्व विधायक और वर्तमान सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा विधायक सुनील सोनी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय तक प्रतिनिधित्व के बावजूद भाठागांव को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाईं।
अब देखना होगा कि प्रशासन 16 फरवरी की समयसीमा से पहले कार्रवाई करता है या मामला आंदोलन का रूप लेता है।



