कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर फिर से मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे संगठन सृजन अभियान के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने ऑब्जर्वरों की नई सूची जारी की है। कांग्रेस अध्यक्ष की स्वीकृति के बाद ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
इस अभियान के अंतर्गत बिहार, उत्तर प्रदेश, गोवा, नागालैंड, मणिपुर और मेघालय—कुल छह राज्यों में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में छत्तीसगढ़ के नेताओं को अहम जिम्मेदारी
राजनीतिक रूप से अहम राज्य उत्तर प्रदेश में छत्तीसगढ़ के तीन वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को संगठन सृजन अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मोहन मरकाम को उत्तर प्रदेश का ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है।
उनके साथ अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह और छत्तीसगढ़ सरकार के पूर्व मंत्री शिव डहरिया को भी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक प्रक्रिया की निगरानी का दायित्व दिया गया है।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, यूपी जैसे बड़े राज्य में इन नेताओं की तैनाती को संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
नागालैंड की जिम्मेदारी उमेश पटेल को
इसके अलावा छत्तीसगढ़ सरकार के पूर्व मंत्री उमेश पटेल को नागालैंड का ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। उन्हें वहां जिला स्तर पर संगठन के पुनर्गठन और नेतृत्व चयन की प्रक्रिया को गति देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
AICC की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सभी ऑब्जर्वर अपने-अपने राज्यों में PCC ऑब्जर्वरों के साथ समन्वय कर जिलेवार संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी करेंगे। पार्टी का जोर पारदर्शिता बनाए रखने और जमीनी कार्यकर्ताओं को नेतृत्व में आगे लाने पर है।
क्या है संगठन सृजन अभियान
कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने की रणनीति का हिस्सा है। इसके तहत जिला कांग्रेस अध्यक्षों के चयन में कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने, संगठन को अधिक लोकतांत्रिक बनाने और आगामी चुनावों के लिए मजबूत ढांचा तैयार करने पर फोकस किया जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अनुभवी नेताओं को अलग-अलग राज्यों में भेजने से संगठनात्मक अनुभव का लाभ मिलेगा और कांग्रेस को जमीनी स्तर पर नई ऊर्जा मिलेगी।






