नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए घोषित भारतीय टीम में शुभमन गिल को जगह नहीं मिल सकी। हालिया समय में टी20 फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिस वजह से चयनकर्ताओं ने उन्हें 15 सदस्यीय स्क्वॉड से बाहर रखने का फैसला लिया। टीम में उनकी जगह अक्षर पटेल को न सिर्फ शामिल किया गया, बल्कि उन्हें उपकप्तान की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
सेलेक्टर्स के फैसले पर क्या बोले गिल
टी20 विश्व कप टीम से बाहर किए जाने के बाद शुभमन गिल ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच से पहले वडोदरा में मीडिया से बातचीत करते हुए गिल ने कहा कि वह चयन समिति के निर्णय का सम्मान करते हैं और भारतीय टीम को टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं देते हैं।
गिल ने कहा,
“मैं चयनकर्ताओं के फैसले का पूरा सम्मान करता हूं। जो मेरे भाग्य में लिखा है, वही होगा। एक खिलाड़ी का काम देश के लिए हर मौके पर अपना सर्वश्रेष्ठ देना होता है। चयनकर्ताओं ने जो फैसला लिया है, वह टीम की बेहतरी के लिए ही होगा।”
11 जनवरी से भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज
भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 11 जनवरी से होगी। इस सीरीज में एक बार फिर सभी की नजरें विराट कोहली और रोहित शर्मा पर टिकी रहेंगी। दोनों सीनियर खिलाड़ियों ने विजय हजारे ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन कर अपनी फॉर्म का संकेत दिया है।
वनडे कप्तान शुभमन गिल की मौजूदगी से टीम मैनेजमेंट को टॉप ऑर्डर में मजबूती मिलने की उम्मीद है और उनकी फॉर्म को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं जताई जा रही है।
यशस्वी जायसवाल पर मंडरा सकता है खतरा
शुभमन गिल की वापसी से यशस्वी जायसवाल को प्लेइंग इलेवन में जगह गंवानी पड़ सकती है। हालांकि जायसवाल ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला वनडे शतक जड़कर मजबूत दावा पेश किया है। वहीं श्रेयस अय्यर की टीम में वापसी से मिडिल ऑर्डर में स्थिरता आएगी और उन्हें नंबर-4 पर बल्लेबाजी का मौका मिल सकता है।
केएल राहुल विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका निभा सकते हैं, ऐसे में ऋषभ पंत को बेंच पर बैठना पड़ सकता है।
वडोदरा में पहली बार पुरुष अंतरराष्ट्रीय मुकाबला
कोटंबी स्थित नए बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में यह पहला पुरुष अंतरराष्ट्रीय मैच होगा। इससे पहले यहां भारत और वेस्टइंडीज के बीच महिला वनडे मुकाबले खेले जा चुके हैं। नई पिच होने के कारण खिलाड़ियों के लिए हालात को समझना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।







