रायपुर। राजधानी रायपुर के कचना बीएसयूपी फेस-1 कॉलोनी में पेयजल व्यवस्था गंभीर संकट में है। यहां सीवर लाइन के साथ गुजर रही पानी की पाइपलाइन पिछले एक साल से फटी हुई है, जिससे नलों से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि सप्लाई शुरू होने के बाद शुरुआती 10 से 15 मिनट तक लोग पानी भरने से बचते हैं।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि जब तक पाइपलाइन से गंदा पानी निकलकर थोड़ा साफ नहीं हो जाता, तब तक इंतजार करना पड़ता है। मजबूरी में इसी पानी का उपयोग किया जा रहा है, जबकि पीने के लिए पानी को उबालना पड़ता है। इसके बावजूद बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
सड़ चुकी पाइपलाइन, कपड़ों से की गई अस्थायी मरम्मत
करीब 15 साल पहले बनी कचना बीएसयूपी फेस-1 कॉलोनी में 180 ईडब्ल्यूएस मकान हैं। कॉलोनी के बीचों-बीच गुजर रही सीवर लाइन वर्षों से जर्जर हालत में है और उसके ठीक बगल से पेयजल पाइपलाइन निकली हुई है। कई जगह पाइप फट चुकी है, जिसे रहवासियों ने कपड़े और प्लास्टिक से बांधकर अस्थायी रूप से रोका है।
स्थानीय निवासी नरंकार सिंह और प्रदीप सिंह के अनुसार, सीवर लाइन कई जगह खुली पड़ी है, जिससे गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बना रहता है। बच्चे और बुजुर्ग अक्सर बीमार पड़ते हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।
रहमानिया चौक में नाली जाम, सड़क पर बह रही गंदगी
कचना से सटे रहमानिया चौक क्षेत्र में भी हालात चिंताजनक हैं। डॉ. दिनेश मिश्रा हॉस्पिटल के पीछे की सड़क पर नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी सड़क पर फैल गया है। यह इलाका व्यावसायिक क्षेत्र होने से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। दुर्गंध और गंदगी के कारण लोग नाक ढंककर चलने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि यह गंदा पानी पेयजल सप्लाई लाइन में मिल गया, तो स्थिति इंदौर जैसी भयावह हो सकती है और पूरे शहर में जलजनित बीमारियां फैल सकती हैं।
निगम का दावा
जोन-9 के अध्यक्ष गोपेश साहू ने कहा कि मंगलवार को जोन की टीम मौके पर भेजी जाएगी। स्थिति का निरीक्षण कर जल्द से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत कर समस्या का समाधान किया जाएगा।







