छत्तीसगढ़ में SIR की प्रगति धीमी, 12 राज्यों की रैंकिंग में 10वां स्थान

Madhya Bharat Desk
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देश के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया लगातार चल रही है और भारत निर्वाचन आयोग रोज़ाना इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है। इसी बीच आयोग ने एक ताज़ा रैंकिंग जारी की है, जिसमें एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया—छत्तीसगढ़ दक्षता के मामले में 10वें स्थान पर फिसल गया है, जबकि सबसे छोटे केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल लक्षद्वीप ने 99.33% डिजिटाइजेशन कर टॉप पोज़िशन हासिल कर ली है।

छत्तीसगढ़ में 99.23% गणना फॉर्म वितरित, लेकिन डिजिटाइजेशन सिर्फ 57.88%

चुनाव आयोग के आकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ को कुल 2 करोड़ 10 लाख 68 हजार 201 गणना फॉर्म मिले थे।
इनमें से:

  • 99.23% फॉर्म वितरित कर दिए गए
  • लेकिन डिजिटाइजेशन सिर्फ 57.88% हुआ है

यानी फॉर्म बाँटना तेज़ी से हुआ, लेकिन डेटा को ऑनलाइन अपडेट करने की रफ्तार अभी भी उम्मीद से कम है।

12 राज्यों में 50 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं का SIR जारी

SIR प्रक्रिया में शामिल 12 राज्यों के 50 करोड़ 97 लाख मतदाताओं में से:

  • 99.16% फॉर्म बाँटे जा चुके हैं
  • 56.34% फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है

मतलब, राष्ट्रीय औसत से छत्तीसगढ़ थोड़ा नीचे चल रहा है।

क्या है गणना पत्रक और क्यों जरूरी है?

बीएलओ द्वारा घर-घर बांटा जा रहा यह गणना पत्रक SIR प्रक्रिया की रीढ़ माना जाता है।
इसमें मतदाताओं से संबंधित कई अहम विवरणों की दोबारा पुष्टि की जाती है, जैसे—

  • परिवार के सदस्यों के नाम
  • रिश्तेदारी आधारित मतदाता सूची की संख्या
  • पुरानी SIR (2003) से तुलना
  • मृत, शिफ्टेड और गलत प्रविष्टियों की पहचान

इन्हीं डेटा के आधार पर नए मतदाता सूची का अंतिम रूप तैयार होगा।

यह है राज्यों की रैंकिंग – किसने कितना काम किया?

स्थान राज्य डिजिटाइज्ड प्रतिशत
1 लक्ष्यद्वीप 99.33%
2 गोवा 82.67%
3 राजस्थान 78.39%
4 मध्य प्रदेश 72.73%
5 पश्चिम बंगाल 70.14%
6 गुजरात 67.75%
7 पुदुचेरी 65.42%
8 अंडमान निकोबार 62.05%
9 तमिलनाडु 58.70%
10 छत्तीसगढ़ 57.88%
11 केरल 35.90%
12 उत्तर प्रदेश 34.03%

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