रायपुर।छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) की वर्ष 2018 की भर्ती में चयनित वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। नियुक्ति न मिलने से नाराज़ CAF उम्मीदवारों ने शनिवार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। ये वही अभ्यर्थी हैं, जो पिछले 7 वर्षों से नौकरी की आस में सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों के बंगले के चक्कर काट रहे हैं।
वर्ष 2018 में CAF के 1786 पदों पर भर्ती निकली थी, जिसमें 417 अभ्यर्थियों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया। हैरानी की बात यह है कि CAF में वर्तमान में 3 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, फिर भी इन उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति नहीं दी गई।
13 दिनों से तूता में धरना, परिवार संग आंदोलन
CAF अभ्यर्थी पिछले 13 दिनों से रायपुर के तूता धरना स्थल पर अपने परिवार—माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान एक अभ्यर्थी के 6 महीने के बच्चे की तबीयत बिगड़ने की घटना ने प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शनिवार को गुस्साए अभ्यर्थी सीधे डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बंगले पहुंचे और घेराव कर दिया।
डिप्टी CM का आश्वासन
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि
“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिल्ली से लौटने के बाद पूरे मामले पर चर्चा की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर निर्णय लिया जाएगा।”
उन्होंने तब तक अभ्यर्थियों से धरना समाप्त करने की अपील भी की।
केंद्रीय गृहमंत्री को भी लिख चुके हैं पत्र
CAF अभ्यर्थी अपनी पीड़ा को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी पत्र लिख चुके हैं। कुछ दिन पहले मीडिया से बातचीत में अभ्यर्थियों ने यहां तक कहा था कि
“अगर नक्सली होते तो शायद अब तक नौकरी और पुनर्वास मिल गया होता।”
इस बयान के बाद राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।

रोज़ी-रोटी के लिए मजदूरी करने को मजबूर
गुरुवार को अलग-अलग जिलों से आए अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ गृहमंत्री के बंगले पहुंचे। उन्होंने पुलिस मुख्यालय से नोटशीट लाने के निर्देश दिए, लेकिन इसके बाद वे दौरे पर रवाना हो गए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि घर चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ रही है, बच्चों के पालन-पोषण तक के पैसे नहीं हैं। एक अभ्यर्थी के पिता को गृहमंत्री आवास के बाहर हाथ जोड़कर मीडिया से मदद मांगते देखा गया।
भर्ती विवाद की जड़
- 2018 में भाजपा सरकार के दौरान CAF भर्ती
- मेरिट लिस्ट वालों की नियुक्ति हुई
- वेटिंग लिस्ट के 417 अभ्यर्थियों की भर्ती रोक दी गई
- कई मेरिट कैंडिडेट मेडिकल में अनफिट या नौकरी छोड़ चुके
- पद खाली हुए, लेकिन सरकार बदलने के बाद मामला ठंडे बस्ते में
50% से अधिक अभ्यर्थी हुए ओवरएज
वक्त बीतने के साथ हालात और बिगड़ते गए। 417 में से 250 से ज्यादा अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं।
भर्ती के समय जिनकी उम्र 28–32 वर्ष थी, आज उनकी उम्र 36 से 40 वर्ष हो चुकी है, जिससे वे किसी भी नई भर्ती के लिए अयोग्य हो गए हैं।
CAF में 6 साल से नहीं हुई नई भर्ती
जानकारी के अनुसार, जब तक नई भर्ती नहीं निकलती, तब तक वेटिंग लिस्ट वैध मानी जाती है। शासन चाहे तो आज भी इन अभ्यर्थियों को रिक्त पदों पर नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन पिछले 6 वर्षों से CAF में कोई नई भर्ती नहीं हुई।
पुलिस बल में 17,820 पद खाली
छत्तीसगढ़ पुलिस में कुल 83,259 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से सिर्फ 65,439 जवान कार्यरत हैं। यानी करीब 17,820 पद लंबे समय से रिक्त हैं।
- 13 IPS अधिकारियों की कमी
- 129 DSP/ASP पद खाली
- इंस्पेक्टर के 64 पद रिक्त
- सूबेदार के 80 पदों में केवल 3 तैनात
- हेड कॉन्स्टेबल के 827 पद खाली
- कॉन्स्टेबल के 10,436 पद रिक्त
जांच प्रभावित, अपराध पेंडिंग
पुलिस बल की कमी के कारण अपराधों की जांच प्रभावित हो रही है। रायपुर जिले में 2024 में 17,693 अपराध दर्ज हुए, जिनमें से 1,713 मामले जनवरी 2025 तक लंबित रहे।
नई भर्ती भी अधर में
अक्टूबर 2024 में पुलिस विभाग में 341 पदों पर भर्ती निकली थी, लेकिन उसकी प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं हो सकी। कॉन्स्टेबल भर्ती भी अब तक शुरू नहीं हो पाई है।



