रायपुर में राशन घोटाले पर प्रशासन सख्त, दो उचित मूल्य दुकानों का लाइसेंस रद्द

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाते हुए राशन वितरण में अनियमितता बरतने वाली उचित मूल्य दुकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। ई–पॉस आधारित राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी पाए जाने पर रायपुर जिले की दो दुकानों का संचालन अधिकार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है, जबकि एक अन्य दुकान पर आर्थिक दंड लगाया गया है।

राज्य शासन द्वारा राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से ई–पॉस मशीन के जरिए आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसके तहत लाभार्थियों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। इसी व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्य विभाग ने विशेष टीम गठित कर नियमित निरीक्षण शुरू किया था।

निरीक्षण के दौरान वितरण प्रक्रिया, दस्तावेज संधारण और आधार प्रमाणीकरण में गंभीर खामियां सामने आईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर रायपुर जिला खाद्य नियंत्रक ने बैरन बाजार स्थित मां भगवती खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सहकारी समिति तथा बढ़ईपारा स्थित जय शीतला काली खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति का संचालन अधिकार निरस्त कर दिया। दोनों दुकानों को अन्य नजदीकी उचित मूल्य दुकानों में संलग्न कर दिया गया है, ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इसके अलावा महामाया मंदिर वार्ड क्रमांक 62 स्थित दूधाधारी महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार में भी अनियमितता पाए जाने पर 7,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और भविष्य में नियमों का उल्लंघन न करने की कड़ी चेतावनी दी गई है।

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों के उल्लंघन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में किसी भी उचित मूल्य दुकान में गड़बड़ी पाई जाती है तो छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने दोहराया है कि लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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