छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक निजी स्कूल से अरमान जगाने वाला मामला सामने आया है। नारायणपुर गांव स्थित हंसवानी विद्या मंदिर में केजी-2 के एक छात्र को होमवर्क नहीं करने पर टीचर ने पेड़ से रस्सी के सहारे लटका दिया। यह घटना 24 नवंबर की बताई जा रही है। बच्चे को कई घंटों तक पेड़ से बांधकर रखते हुए टीचर पास में खड़ी नजर आई। गांव वालों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया, जिसके बाद परिजन स्कूल पहुंच गए और हंगामा होने लगा
टीचर निकली नाबालिग
जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि जिस टीचर ने बच्चे को पेड़ से लटकाया वह खुद नाबालिग है। स्कूल में जमा दस्तावेजों के अनुसार उसकी जन्मतिथि 2 दिसंबर 2007 है। 2020 में उसने 10वीं और 2022 में 12वीं पास की थी। अभी उसकी उम्र 18 साल पूरी भी नहीं हुई है, फिर भी उसे स्कूल में टीचर के रूप में रखा गया था।
जांच रिपोर्ट डीईओ सूरजपुर को सौंपी गई और पुष्टि हुई कि स्कूल ने नियमों का उल्लंघन कर नाबालिग को नौकरी दी थी।
स्कूल की मान्यता रद्द, बच्चों को दूसरे स्कूल भेजने की तैयारी
घटना सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने इस विषय को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने इस मामले को जनहित याचिका मानते हुए स्कूल शिक्षा सचिव से जवाब मांगा था। उसी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने स्कूल की मान्यता रद्द कर दी।
स्कूल में KG-1 से लेकर 8वीं तक 60 से ज्यादा बच्चे पढ़ते थे। अब सभी बच्चों को आसपास के दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
संचालक पर FIR, पुलिस जांच जारी
हंगामा और वीडियो वायरल होने के बाद रामानुजनगर पुलिस भी स्कूल पहुंची। पुलिस ने परिजनों के बयान लिए और जांच पूरी की।
मामले में स्कूल संचालक सुभाष शिवहरे के खिलाफ धारा 127(2) तथा किशोर न्याय बोर्ड की धारा 75 और 82 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि संचालक खुद सरकारी स्कूल में गेस्ट टीचर हैं और साथ ही निजी स्कूल का संचालन कर रहे थे। उन्होंने रजिस्ट्रेशन कराकर स्कूल को चलाया, लेकिन स्कूल संचालन के लिए तय नियमों और शर्तों का पालन नहीं किया गया था।



