छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 से 17 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें कुल चार दिन की कार्यवाही निर्धारित है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने जानकारी दी कि सत्र इस बार नए विधानसभा भवन में होगा। हालांकि इसकी आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी होनी बाकी है।
पहले ही दिन विकसित भारत 2047 पर विशेष चर्चा की जाएगी।
इसी क्रम में अजय चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के शासनकाल को “स्वर्णिम युग” बताते हुए उनकी नीतियों की सराहना की। उन्होंने भूपेश बघेल पर भी टिप्पणी की कि उनके पास कई योजनाओं को लेकर मजबूत इरादे थे, लेकिन संसदीय स्वीकृति और बजट का अभाव कई प्रस्तावों के लिए बाधा बना, जिससे अच्छी योजनाएँ भी भ्रष्टाचार के शिकार हुईं।
मंगलवार को पुराने विधानसभा भवन में आयोजित विशेष सत्र में 25 वर्ष की संसदीय यात्रा का स्मरण किया गया। पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने अपने अनुभव, संस्मरण और विधानसभा से जुड़े किस्से साझा किए।
रजत जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने, पूर्व उपाध्यक्ष बनवारी लाल अग्रवाल और जनसेवी नेता राधेश्याम शुक्ला को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि रजनी ताई का निधन राज्य की राजनीति और सामाजिक क्षेत्र के लिए गहरी क्षति है।
विशेष सत्र के दौरान वर्तमान विधानसभा के सभी सदस्यों का एक समूह फोटो भी लिया गया, जिसे विधानसभा की 25वीं वर्षगांठ का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाएगा। साथ ही विधायकों के अनुभवों को रिकॉर्ड कर भविष्य के लिए संग्रहीत करने की योजना भी तय की गई।
पूरा दिन चली कार्यवाही के बाद सदन को शीतकालीन सत्र तक स्थगित कर दिया गया। नया सत्र 14 दिसंबर से ऐतिहासिक नए भवन में शुरू होगा।



