छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में आज सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हुई, जिसने बस्तर रेंज में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन को और तेज़ कर दिया। रविवार सुबह तुंगलपाड़ के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों को नक्सलियों की उपस्थिति की पुष्टि मिली। अभी जवान पोज़िशन ले ही रहे थे कि नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में DRG और CRPF की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाला, जिसके बाद करीब दो घंटे तक रुक-रुककर मुठभेड़ चलती रही। इसी मुठभेड़ में दो महिला नक्सली कमांडरों समेत कुल तीन नक्सली मारे गए। मारे गए नक्सलियों में कुख्यात जनमिलिशिया कमांडर और स्नाइपर-स्पेशलिस्ट माड़वी देवा भी शामिल था। उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मारी गई दोनों महिला नक्सलियों पर भी 5-5 लाख का इनाम था।
घटना स्थल से सुरक्षा बलों ने 303 राइफल, BGL लॉन्चर और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है। बरामद हथियार इस बात का संकेत देते हैं कि यह नक्सली दस्ता किसी बड़ी वारदात की प्लानिंग में था।
सुकमा एसपी किरण चढ्ढा ने बताया कि यह ऑपरेशन गुप्त सूचना के आधार पर शुरू किया गया था। सुबह 6 बजे के करीब तुंगलपाड़ इलाके की एक पहाड़ी पट्टी में जवानों को नक्सली मूवमेंट का पता चला था। इसके बाद टीम ने इलाके को घेरना शुरू किया, तभी नक्सलियों ने फायरिंग कर दी। जवानों ने तुरंत जवाब दिया और धीरे-धीरे इलाके को अपने नियंत्रण में लिया।
आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक बस्तर रेंज में 233 माओवादी मारे जा चुके हैं, जो नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा झटका है। मुठभेड़ के बाद आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त टीमें भेजकर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है, ताकि घने जंगलों में छिपे अन्य नक्सलियों को भी खोजा जा सके।







