दुर्ग जिले के कुम्हारी में स्वर्गीय बिंदेश्वरी महाविद्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान एक अप्रत्याशित राजनीतिक विवाद देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची डिप्टी सीएम अरुण साव की मौजूदगी में सांसद विजय बघेल अचानक मंच से ही भड़क उठे। दरअसल, उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद बघेल का नाम सूची में नहीं लिखा गया था, जिससे स्थानीय कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। इसी मुद्दे पर मंच से बोलते हुए सांसद बघेल ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा—“हमें प्रोटोकॉल सिखाने की आवश्यकता नहीं है। चाहे इनके मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री हों या इनके चंगू-मंगू, जो आ जाएं यहाँ… मुँह फाड़कर मेरा नाम लिखो।” उनके यह शब्द सुनते ही मंच पर सन्नाटा पसर गया और डिप्टी सीएम अरुण साव को स्थिति संभालनी पड़ी।
सांसद बघेल की यह नाराजगी सिर्फ नाम नहीं लिखने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने कॉलेज छात्रों की अनुशासनहीनता को लेकर भी गहरी असंतुष्टि जताई और कॉलेज प्रिंसिपल को फटकार लगाई। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में प्रबंधन और अनुशासन दोनों का पालन होना चाहिए।
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की सूची में सांसद का नाम न होने पर हंगामा किया। मंच पर जब सांसद को इस बात की भनक लगी तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर कर दी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम न केवल स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर गया बल्कि सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच संबंधों की तल्ख़ी को भी उजागर करता है। कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर सांसद के बयान का वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच इस पर खूब चर्चा हुई।







