भिलाई: रिसाली क्षेत्र में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपती ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की कोशिश में साइबर ठगी का शिकार हो गए। बंद स्ट्रीट लाइट की शिकायत करने के लिए इंटरनेट पर नंबर सर्च करना उनके लिए भारी पड़ गया। जालसाजों ने उनकी मेहनत की कमाई से ₹5 लाख 91 हजार 496 रुपये उड़ा लिए। शिकायत के बाद नेवई पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुई ठगी की वारदात
नेवई पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता मोनोसीजा चटर्जी (61 वर्ष), निवासी फेस-6, मैत्री नगर, रिसाली, ने बताया कि उन्होंने 22 अक्टूबर को मोबाइल से स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत करने के लिए इंटरनेट पर नंबर सर्च किया।
खोजे गए नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने कहा कि शिकायत दर्ज करने के लिए ₹5 का ऑनलाइन भुगतान करना होगा।
मोनोसीजा ने बताए गए अनुसार भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन ट्रांजेक्शन असफल रहा। इसके बाद ठग ने उन्हें एक कोड (94252) भेजा और कहा कि इसे पेटीएम यूपीआई में दर्ज करें। कोड डालते ही उनके बैंक खाते से पैसे कट गए।
जब उन्होंने ठग को कॉल कर बताया कि राशि कट गई है, तो ठग ने कहा कि रिफंड कर दिया जाएगा। अगले दिन उनके खाते में ₹94,252 वापस आने का मैसेज आया, जिससे दंपती को भरोसा हो गया कि सब सही है।दो दिनों में उड़ाए लाखों रुपये
22 से 24 अक्टूबर के बीच ठगों ने दंपती के बैंक खाते से कई बार ट्रांजेक्शन किए और कुल ₹5,91,496 निकाल लिए। जब खाते की जांच की गई, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
मोनोसीजा चटर्जी ने तुरंत नेवई थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
साइबर ठगी से बचाव का संदेश
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की शिकायत या सेवा के लिए इंटरनेट पर अनजान नंबर सर्च कर कॉल न करें। केवल सरकारी या आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों का ही उपयोग करें।







