चुनाव आयोग सोमवार को देशभर में विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा ऐलान कर सकता है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना, नए मतदाताओं को शामिल करना और त्रुटियों को सुधारना है। सूत्रों के मुताबिक, पहले चरण में 10 से 15 राज्यों को शामिल किया जाएगा।
बता दें कि अगले साल देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में आयोग यह कदम चुनावी तैयारियों को मजबूत करने के लिए उठा रहा है।
चुनाव आयोग आज करेगा अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस
चुनाव आयोग सोमवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा, जिसमें देशव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इस दौरान आयोग प्रक्रिया की रूपरेखा और पहले चरण में शामिल होने वाले राज्यों की जानकारी साझा करेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की पारदर्शिता को मजबूत करेगी।
एसआईआर का मुख्य उद्देश्य
विशेष गहन पुनरीक्षण का मकसद मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाना है। इसमें मृत मतदाताओं के नाम हटाना, नए मतदाताओं का नाम जोड़ना और पुराने रिकॉर्ड का सत्यापन शामिल होगा। आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से अपडेटेड होगी, ताकि हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित हो सके।
इन राज्यों में पहले चरण की शुरुआत संभव
हालांकि आधिकारिक घोषणा सोमवार को होगी, लेकिन सूत्रों के अनुसार पहले चरण में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुद्दुचेरी जैसे राज्य शामिल हो सकते हैं। इन राज्यों में 2026 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, इसलिए मतदाता सूची की समीक्षा पहले की जाएगी।
चुनाव आयोग की तैयारियां और महत्त्व
चुनाव आयोग ने कहा है कि एसआईआर से मतदाता सूची की विश्वसनीयता और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा। अधिकारी ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जाकर रिकॉर्ड की जांच करेंगे। इससे युवा और नए मतदाताओं को सूची में जोड़ने में मदद मिलेगी। आयोग का लक्ष्य है कि “हर योग्य मतदाता, हर चुनाव में शामिल हो।”
आगामी चुनावों पर असर
एसआईआर से 2026 के विधानसभा चुनावों और आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारी और भी मजबूत होगी। सटीक मतदाता सूची से मतदान प्रतिशत बढ़ेगा और फर्जी वोटिंग जैसी समस्याओं पर अंकुश लगेगा। यह पहल लोकतंत्र को और अधिक विश्वसनीय और सहभागी बनाएगी।
पश्चिम बंगाल में बूथ स्तर पर होगी नई नियुक्तियां
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बूथ-लेवल अधिकारियों की सहायता के लिए स्वंयसेवकों की नियुक्ति की जा सकती है। इन स्वयंसेवकों को सरकारी कर्मचारियों में से चुना जाएगा। यह स्वंयसेवक नामांकन फॉर्म भरने और दस्तावेज़ सत्यापन में मदद करेंगे।
राज्य में लगभग 14,000 नए बूथ जोड़े जाने की संभावना है, जिससे मौजूदा 80,000 बूथों की संख्या बढ़कर 94,000 तक पहुंच सकती है। इस काम के लिए स्कूल इंस्पेक्टरों से शिक्षकों और क्लर्कों की सूची मांगी गई है, जिसे 29 अक्टूबर तक जमा करना होगा।







