भूपेश बघेल के बेटे को नहीं मिली राहत: शराब घोटाला मामले में जमानत अर्जी खारिज, 13 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए

Madhya Bharat Desk
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रायपुर, 8 अक्टूबर 2025।छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आज एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस घोटाले में आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई। विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 13 अक्टूबर 2025 तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है।

यह मामला राज्य में हुए करोड़ों रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें कथित रूप से अवैध रूप से कमाई गई रकम को अन्य माध्यमों से सफेद करने (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोप लगाए गए हैं।

कोर्ट ने सुनवाई के बाद माना कि इस समय जमानत देना उचित नहीं होगा क्योंकि जांच एजेंसियों को अभी कई अहम बिंदुओं पर जांच पूरी करनी है। कोर्ट के फैसले के अनुसार अब आने वाले 90 दिनों में ईडी (ED) और ईओडब्ल्यू (EOW) इस घोटाले की जांच को पूरा करेंगे और विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे।

गौरतलब है कि चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई 2025 को उनके जन्मदिन के दिन रायपुर में गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने शराब बिक्री में हुए भ्रष्टाचार से अर्जित धन को अन्य चैनलों से घुमाकर वैध दिखाने की कोशिश की थी। गिरफ्तारी के बाद से ही चैतन्य बघेल जेल में हैं और उनसे अब तक कई बार पूछताछ की जा चुकी है।

इससे पहले भी अदालत ने उन्हें ईओडब्ल्यू की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा था, जहां एजेंसी ने 14 दिन तक पूछताछ की थी। हालांकि जांच एजेंसियों का दावा है कि अभी और कई परतें खुलना बाकी हैं और आने वाले दिनों में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

यह मामला न केवल राज्य की राजनीति बल्कि पूर्ववर्ती सरकार की छवि पर भी बड़ा प्रभाव डाल रहा है। कोर्ट के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत जांच अभी और आगे बढ़ेगी तथा आरोपी को राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम है।

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