चुनाव आयोग की नई पहल: बुर्का और घूंघट में आने वाली महिलाओं की पहचान करेंगी आंगनबाड़ी सेविकाएं

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब बुर्का या घूंघट पहनकर मतदान केंद्र पर आने वाली महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी सेविकाओं को दी जाएगी। यह कदम महिला मतदाताओं की सही पहचान सुनिश्चित करने और फर्जी मतदान की संभावनाओं को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

नई व्यवस्था के तहत देश के प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक आंगनबाड़ी सेविका तैनात की जाएगी। यह सेविका उन महिलाओं की पहचान करेगी जिनका चेहरा ढंका हुआ होता है। यदि किसी महिला की पहचान को लेकर संदेह होता है, तो सेविका उचित जांच के बाद ही उसे मतदान की अनुमति देगी। यह व्यवस्था पहले चरण में बिहार चुनाव से शुरू की जाएगी, जहां इसे सभी 90,712 मतदान केंद्रों पर लागू करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि तैनात की जाने वाली सेविकाएं स्थानीय क्षेत्र की ही होंगी, जिससे वे उस इलाके की महिलाओं को आसानी से पहचान सकेंगी। इससे न केवल मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

राजनीतिक दलों द्वारा लंबे समय से यह सवाल उठाया जा रहा था कि बुर्का या घूंघट पहनने वाली महिलाओं की पहचान कैसे की जाए। अब आयोग की इस नई पहल से इस विवाद का समाधान मिल गया है। माना जा रहा है कि भविष्य में यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों में भी लागू की जा सकती है।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग ने एक वोटर हेल्पलाइन नंबर 1950 भी जारी किया है, जिस पर कोई भी मतदाता अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इस पहल से चुनाव प्रणाली में विश्वास बढ़ेगा और फर्जी मतदान पर अंकुश लगेगा।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment