महासमुंद जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय, भावा में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित हो चुकी है। विद्यालय में कक्षा पहली से पाँचवीं तक लगभग 35 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं। इन बच्चों की शिक्षा के लिए दो शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन इनमें से एक शिक्षक पिछले कई महीनों से लगातार अवकाश पर है। परिणामस्वरूप एकमात्र शिक्षक पर सभी पाँच कक्षाओं की जिम्मेदारी आ गई है, जिससे पठन-पाठन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
ग्रामवासियों और अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर शिक्षा विभाग से कई बार शिकायत की, किंतु अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
लगातार अनदेखी से परेशान होकर आज नाराज अभिभावकों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहा है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
ग्रामीणों ने यह स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक स्कूल में एक और शिक्षक की नियुक्ति नहीं की जाती, तब तक स्कूल का ताला नहीं खोला जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और अब विभाग पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।



