नई दिल्ली। बिहार में चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू हो चुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट आज विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई करेगा। इस सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह फैसला आगामी विधानसभा चुनावों को प्रभावित कर सकता है।
चुनाव आयोग ने हाल ही में एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पूरी की है। इसके तहत 7.43 करोड़ मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल किए गए हैं, जबकि 14 लाख नए मतदाता पहली बार सूची में जोड़े गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। पहले चुनाव आयोग (ECI) के अनुरोध पर सुनवाई स्थगित की गई थी, क्योंकि आयोग का कहना था कि 1 अक्टूबर को संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही इस पर विचार किया जाए। अब जब सूची जारी हो चुकी है, सुप्रीम कोर्ट इस पर अंतिम निर्णय देने को तैयार है।
एसआईआर प्रक्रिया पर उठे सवाल
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और अन्य संस्थाओं ने एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल उठाए थे। उनका कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कई खामियां हैं, जिससे मतदाता अधिकारों के उल्लंघन की आशंका है।
एडीआर की दलील
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने एडीआर की ओर से दलील दी थी कि अदालत को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले ही सुनवाई करनी चाहिए थी, ताकि किसी संभावित त्रुटि को सुधारा जा सके। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने यह स्पष्ट किया कि अंतिम सूची का प्रकाशन न्यायिक समीक्षा को नहीं रोकता और अगर कोई अवैधता पाई जाती है, तो अदालत बाद में भी हस्तक्षेप कर सकती है।
अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर
आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि क्या एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी रही या नहीं। यह निर्णय बिहार के आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अहम साबित हो सकता है।



