रायपुर: राजधानी रायपुर के सदर बाजार इलाके में हुई 86 किलो चांदी की लूट की सनसनीखेज वारदात आखिरकार झूठी निकली। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि सराफा कारोबारी राहुल गोयल ने ऑनलाइन सट्टे में लाखों गंवाने के बाद खुद यह नाटक रचा था।
ऑनलाइन सट्टे में हारे 46 लाख, बनाई झूठी लूट की योजना
जांच में सामने आया कि अलीगढ़ (यूपी) निवासी कारोबारी राहुल गोयल अप्रैल से क्रिकेट के ऑनलाइन सट्टे में लगातार पैसा हार रहा था। अब तक वह लगभग 46 लाख रुपये गंवा चुका था। भारी नुकसान की भरपाई के लिए उसने अपनी कंपनी को गुमराह करने की योजना बनाई। राहुल रायपुर में शिवा ट्रेडर्स नाम से फर्म संचालित करता है, जो आगरा की एक बड़ी कंपनी का सीएफए (क्लियरिंग एंड फारवर्डिंग एजेंट) है।
लूट की कहानी में खामियां, पुलिस को हुआ शक
राहुल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शुक्रवार रात नकाबपोश बदमाशों ने उसके घर धावा बोलकर 86 किलो चांदी लूट ली। आरोप था कि बदमाशों ने हथियार दिखाकर उसे बंधक बनाया और डीवीआर भी ले गए। लेकिन जांच में पुलिस को न तो जबरन प्रवेश के निशान मिले और न ही रस्सी के सबूत। यहां तक कि अपार्टमेंट का सीसीटीवी कैमरा भी कई दिनों से खराब था।
पूछताछ में टूटा कारोबारी, कबूला सच
पुलिस क्राइम ब्रांच और एफएसएल टीम की सख्त पूछताछ में राहुल बार-बार बयान बदलता रहा। आखिरकार उसने मान लिया कि पूरी लूट की कहानी झूठी थी। दरअसल, दीवाली पर आगरा से 200 किलो चांदी मंगाई गई थी, जिसमें से 100 किलो वापस भेज दी गई। राहुल ने करीब 54 किलो चांदी बेचकर उसका पैसा सट्टे में गंवा दिया और बची हुई 86 किलो की “लूट” की कहानी रच दी।
सवालों के घेरे में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क
इस मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन सट्टे के बढ़ते नेटवर्क और उसके दुष्परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, तब भी ऐसे अवैध रैकेट आसानी से लोगों को फंसा रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने आगरा के संबंधित कारोबारियों को तलब कर जांच तेज कर दी है।






