रायपुर। छत्तीसगढ़ में वाहनों की सुरक्षा के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने का काम अब भी धीमी गति से चल रहा है। राज्य में कुल 52 लाख से अधिक पंजीकृत वाहनों में से केवल 7.45 लाख वाहनों में ही एचएसआरपी लगी है। यानी अभी भी लगभग 45 लाख वाहन बिना HSRP सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
समय सीमा से पीछे रहा विभाग
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2025 तक पूरी करनी थी। लेकिन टेंडर और निर्माण में देरी के कारण यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। फिलहाल 3.40 लाख नंबर प्लेट बनाने का ऑर्डर दिया गया है।
चालान कार्रवाई पर असर
परिवहन विभाग और पुलिस ने 1 अक्टूबर से बिना HSRP वाले वाहनों पर 1,000 रुपये का चालान लगाने की योजना बनाई थी। लेकिन काम की धीमी गति को देखते हुए यह तिथि फिलहाल आगे बढ़ा दी गई है।
जिलों की स्थिति
- रायपुर: 13.34 लाख वाहन, केवल 2.36 लाख में HSRP लगी (23.4%)
- दुर्ग: 19.18%
- बिलासपुर: 18.45%
- बालोद: 29.41%
- गौरेला-पेंड्रा मरवाही: 58.14%
जागरूकता अभियान से बढ़ी रुचि
आरटीओ और पुलिस की टीम ने अभियान चलाकर वाहन मालिकों से फार्म भरे। इससे आवेदन संख्या बढ़ी। केवल रायपुर जिले में लगभग एक लाख वाहन मालिकों ने HSRP के लिए आवेदन किया।
पुराने वाहन चुनौती बने हुए हैं
प्रदेश में 15 साल से पुराने 6,000 से अधिक वाहन हैं, जिनमें 1,200 दोपहिया, 3,000 चारपहिया और 1,800 मालवाहक वाहन शामिल हैं। इनमें से कई वाहन अब भी बिना HSRP सड़कों पर चल रहे हैं।







