संघ सामाजिक एकता का प्रतीक, भेदभाव की कोई जगह नहीं : रामनाथ कोविंद

Madhya Bharat Desk
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मुंबई। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में किसी भी प्रकार की अस्पृश्यता या जातिगत भेदभाव नहीं होता। नागपुर में आयोजित संघ के विजयादशमी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि संघ हमेशा से सामाजिक एकता और सुधार का प्रबल समर्थक रहा है।

कोविंद ने याद दिलाया कि वर्ष 2001 में जब वे अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब दिल्ली के लालकिले पर आयोजित दलित संगम रैली में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने स्पष्ट कहा था कि “हमारी सरकार मनुस्मृति नहीं, बल्कि भीम स्मृति यानी संविधान के आधार पर चलती है। हम भीमवादी हैं, यानी आंबेडकरवादी।”

उन्होंने कहा कि उस समय दलित समाज के बीच संघ और अटल जी को लेकर जो गलतफहमियां फैलाई गई थीं, उन्हें दूर करने में इस भाषण की ऐतिहासिक भूमिका रही।

कोविंद ने कहा कि आज भी समाज के कई वर्गों में संघ के बारे में भ्रांतियां हैं। जबकि सच यह है कि संघ में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होता। उन्होंने आह्वान किया कि समाज को इन निराधार धारणाओं से बाहर आना चाहिए।

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