ईरान पर अमेरिका और इस्राइल द्वारा किए गए हमलों को लेकर भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को घेरा है।
कांग्रेस ने शुक्रवार को स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के उस बयान की सराहना की, जिसमें उन्होंने ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमलों को “बहुत बड़ी गलती” बताया था। सांचेज ने कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इससे वैश्विक तनाव और बढ़ सकता है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि नाटो सदस्य देश स्पेन के प्रधानमंत्री ने ईरान पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और उनका यह बयान साहसिक है।
रमेश ने कहा कि जब दुनिया के कई नेता इस मुद्दे पर खुलकर बोल रहे हैं, तब भारत के प्रधानमंत्री की चुप्पी बहुत कुछ संकेत देती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह चुप्पी डर और कायरता को दर्शाती है।
हाल के दिनों में पेड्रो सांचेज यूरोप के उन नेताओं में शामिल रहे हैं जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के आलोचक रहे हैं। जानकारी के अनुसार, स्पेन ने अपने सैन्य ठिकानों से अमेरिका को ईरान पर हमले की अनुमति देने से भी मना कर दिया था।
इस फैसले पर डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिका स्पेन के साथ व्यापारिक संबंधों पर पुनर्विचार कर सकता है।
विवाद तब और गहरा गया जब स्पेन के विदेश मंत्री ने व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि स्पेन ने अमेरिकी संदेश को समझ लिया है और वह अमेरिकी सेना के साथ सहयोग कर रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद ईरान पर हमले और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस तेज हो गई है।



