छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की छात्राओं के लिए एक बड़ी और सराहनीय पहल की है। अब सरकारी स्कूलों से पास होकर कॉलेज में दाखिला लेने वाली छात्राओं को हर साल 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे अपनी पढ़ाई बिना किसी आर्थिक बाधा के जारी रख सकें।
राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में नए स्कूल के शुभारंभ के अवसर पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने इस योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कई विशेष पहल कर रही है, ताकि छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। इस योजना से न केवल सरकारी स्कूलों में दाखिले की संख्या बढ़ेगी, बल्कि अधिक से अधिक युवतियां उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर होंगी।
सरकार का मानना है कि कई बार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण छात्राएं कॉलेज की पढ़ाई छोड़ देती हैं। इस योजना से अब ऐसे परिवारों की चिंता दूर होगी। विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े इलाकों की छात्राओं को इस पहल से लाभ मिलेगा। इससे माता-पिता पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होगा और बेटियों की पढ़ाई बिना रुकावट के पूरी हो सकेगी।
डिप्टी सीएम ने बताया कि यह राशि केवल उन छात्राओं को मिलेगी जो 10वीं से 12वीं तक सरकारी स्कूलों में पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉलेज में प्रवेश लेंगी। सरकार जल्द ही इस योजना के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।
यह पहल राज्य में शिक्षा को नई दिशा देने के साथ-साथ बेटियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।







