उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है: एक स्कूटी सवार युवक ने स्कूल से घर लौट रही एक अध्यापिका के चेहरे और पेट पर तेज़ाब (एसिड) फेंक दिया।
घटना नखासा थाना क्षेत्र के ग्राम देहपा की है। पीड़िता, जो बीएल पब्लिक स्कूल की अध्यापिका हैं, उस समय अकेली लौट रही थीं, तभी अज्ञात आरोपी ने उन पर हमला कर दिया।
अपनी शादी सिर्फ दो महीने दूर थी। उस खुशहाल समय को खौफनाक क्षणों में बदल देने वाली इस वारदात ने उनके जीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है।
पुलिस कार्रवाई और आरोपी की हालत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और छानबीन शुरू की।
पुलिस ने कुछ ही घंटों बाद आरोपी को पकड़ने में सफलता पाई। मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है।
SP (संभल) ने इस घटना को लेकर कहा कि आरोपी हाथ न जोड़े — “अब ऊपर वाला इंसाफ करेगा” — एक तरह से यह बयान यह दर्शाता है कि आरोपी ने स्वयं को अपराधिक कृत्य और उसके परिणामों के बीच छूटा हुआ माना।
पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर, फिंगरप्रिंट्स, कैमरा फुटेज और अन्य सबूत जुटा लिए हैं।
पीड़िता को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर किया गया है।
सामाजिक-नैतिक आयाम एवं चिंताएँ
इस घटना से न सिर्फ पीड़िता और उसके परिवार की ज़िंदगी प्रभावित हुई है, बल्कि समाज के लिए यह एक गंभीर चेतावनी भी है
महिलाओं की सुरक्षा का दावा चाहे कितनी भी हो, व्यवहार में अक्सर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर ही नजर आती है।
अपराधी आज इतने निडर हो गए हैं कि दिनदहाड़े भी अमानवीय हमले करने से नहीं डरते।







