लेह-लद्दाख। लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर (LG) कविंदर गुप्ता ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसने क्षेत्र में हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शनों और हिंसा के पीछे एक गहरी साजिश की आशंका को जन्म दिया है। एनडीटीवी को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में, एलजी गुप्ता ने स्पष्ट किया कि हिंसा में शामिल कई लोग स्थानीय नहीं थे, बल्कि उन्हें बाहरी इलाकों से विशेष रूप से दंगा भड़काने के लिए बुलाया गया था।
मुख्य आरोप: विदेशी और बाहरी उपद्रवी सक्रिय
एलजी के खुलासे के अनुसार, यह घटना केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा और सामरिक स्थिरता पर सीधा हमला है।
- नेपाली युवकों की पहचान: 60 से अधिक नेपाली युवकों की पहचान की गई है, जिन्हें कथित तौर पर दंगा फैलाने के लिए नेपाल से लद्दाख बुलाया गया था।
- डोडा (J&K) से लाए गए दंगाई: करीब 100 दंगाई जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से लेह-लद्दाख लाए गए थे।
- विशेषज्ञ दंगाइयों का इस्तेमाल: सूत्रों के अनुसार, नेपाल से लाए गए इन समूहों ने अपने देश में भी पहले बड़े स्तर पर हिंसा की थी, जिसकी वजह से उन्हें विशेष रूप से भारत के संवेदनशील क्षेत्र में बुलाया गया।
LG का गंभीर बयान
उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जाँच चल रही है। उन्होंने साफ कहा कि इसके पीछे की साजिश और साजिशकर्ता ताक़तों की जाँच की जा रही है।
“यह स्पष्ट है कि यह केवल स्थानीय असंतोष नहीं है। देश को अस्थिर करने के लिए विदेशी और बाहरी उपद्रवियों का इस्तेमाल किया गया है। नेपाल से युवकों को भड़काकर भारत के संवेदनशील क्षेत्रों में भेजना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है,” एलजी गुप्ता ने कहा।
सरकार की कार्रवाई और आश्वासन
एलजी कविंदर गुप्ता ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा एजेंसियां इस साजिश की जड़ तक जाएंगी और इसमें शामिल दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली ताकतों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
इस खबर से देश की सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि कैसे विदेशी तत्वों और देश के आंतरिक हिस्सों के उपद्रवियों को एक साथ लाकर भारत के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है।



