गणवेश वितरण में गड़बड़ी: जिला शिक्षा अधिकारी डीएन मिश्रा निलंबित, अतिरिक्त प्रभार अजय मिश्रा को सौंपा गया

Madhya Bharat Desk
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शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह शैक्षणिक गतिविधियों में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखे। किंतु जब इन जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से नहीं होता, तो न केवल सरकारी तंत्र की साख प्रभावित होती है बल्कि आमजन, विशेषकर छात्र-छात्राओं को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। हाल ही में छत्तीसगढ़ में गणवेश वितरण में अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जिसके कारण जिला शिक्षा अधिकारी डीएन मिश्रा को निलंबित कर दिया गया।

मुख्य घटना:

आदेश में कहा गया कि डीएन मिश्रा की लापरवाही छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है, जो गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। इस कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

अनियमितताओं का विवरण:

गणवेश वितरण में बड़ी गड़बड़ी सामने आई। जिले में 1,58,244 बच्चों के लिए कुल 3,16,488 गणवेश प्राप्त हुए थे, लेकिन उनमें से केवल 2,38,066 गणवेश ही वितरित किए गए। शेष बड़ी मात्रा में गणवेश बिना वितरण के रह गए। इसके अलावा, डीएन मिश्रा द्वारा लाभार्थी बच्चों की संख्या गलत दर्शाई गई, जिससे शासन पर अनावश्यक व्यय का भार पड़ा। साथ ही, पिछले वर्षों में बचे गणवेश का समायोजन नहीं किया गया और इस वर्ष नए मांग पत्र समय पर न भेजने से भारी मात्रा में गणवेश का स्टॉक बचा रह गया।

शासन का निर्णय:

शासन ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर अनुशासनहीनता माना और निलंबन की अवधि में डीएन मिश्रा का मुख्यालय अंबिकापुर निर्धारित किया। साथ ही, जीवन निर्वाह भत्ते की व्यवस्था की गई। दूसरी ओर, सूरजपुर के जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ-साथ रामानुजगंज-बलरामपुर  का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

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