पहले रूसी तेल पर प्रतिबंध और अब मक्का के मुद्दे पर, अमेरिका भारत पर लगातार दबाव बना रहा है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने चेतावनी दी है कि अगर भारत अपने टैरिफ कम नहीं करता और अमेरिकी मक्का खरीदने से इनकार करता है, तो उसे अमेरिकी बाजार में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
लुटनिक ने आरोप लगाया कि भारत केवल अपने उत्पाद अमेरिका को बेचता है, लेकिन अमेरिकी सामान पर ऊँचे टैरिफ लगाता है। उन्होंने कहा, “भारत के पास 1.4 अरब की आबादी है, फिर भी वे अमेरिकी मक्का नहीं खरीदते। वे हमें सब कुछ बेचते हैं लेकिन हमारी अर्थव्यवस्था में हमें जगह नहीं देते।”
भारत अमेरिकी मक्का नहीं खरीदता क्योंकि वह ज्यादातर आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) होता है। भारत में GM मक्का न उगाया जाता है और न ही इसका आयात किया जाता है। यही कारण है कि नीति आयोग ने इथेनॉल उत्पादन के लिए जीएम मक्का के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि रूस से तेल खरीदने के चलते अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगा दिया है, जिससे अब कुल टैरिफ 50% हो गया है। इससे भारत-अमेरिका संबंधों में खटास बढ़ी है। भारत का कहना है कि तेल और कृषि आयात के फैसले उसके राष्ट्रीय हित और बाज़ार की स्थिति पर आधारित हैं, न कि किसी बाहरी दबाव पर।






