छत्तीसगढ़ में नक्सली घटनाएँ लंबे समय से सुरक्षा बलों के सामने चुनौती बनी हुई हैं। इन्हीं घटनाओं के दौरान 9 जून 2025 को सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हुए बम विस्फोट में बहादुर पुलिस अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आकाश राव गिरपुंजे शहीद हो गए। उनकी शहादत ने न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को गहरे दुख और गर्व से भर दिया।
राज्य सरकार ने उनकी वीरता और बलिदान को सम्मानित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 9 सितंबर 2025 को आयोजित कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शहीद की पत्नी, स्नेहा गिरपुंजे को अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) के पद पर नियुक्त किया जाएगा। यह फैसला न केवल उनके परिवार के लिए संबल है बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार शहीदों के परिजनों को उचित सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
आकाश राव गिरपुंजे को पुलिस विभाग में एक अनुशासित, बहादुर और होनहार अधिकारी के रूप में जाना जाता था। वे अपनी कार्यकुशलता और निडरता के कारण सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विशेष स्थान रखते थे। उनकी शहादत ने प्रदेश की जनता और पुलिस बल दोनों को प्रेरणा दी है।
इस निर्णय से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि शहीदों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा और सरकार हर परिस्थिति में उनके परिवारों के साथ खड़ी है। यह कदम समाज को भी यह प्रेरणा देता है कि जो देश के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर करते हैं, उनके परिवारों को हमेशा सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए।







