रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस एक बार फिर संगठनात्मक संकट और जवाबदेही के सवालों से घिरी हुई है। पार्टी के भीतर यह चर्चा तेज हो गई है कि जिन नेताओं पर विवाद और आरोप हैं, उन्हें हटाने के बजाय अब भी पदों पर बनाए रखा गया है।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पिछले दो साल से फरार बताए जाते हैं। इसके बावजूद वे अब भी अपने पद पर बने हुए हैं। उनका नाम पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कई कथित घोटालों से जुड़ा बताया जाता रहा है।
करीब एक साल पहले राहुल गांधी ने सचिन पायलट को छत्तीसगढ़ का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया था। लेकिन इतने लंबे कार्यकाल के बाद भी संगठन में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल भी तीन साल पूरे कर चुका है, बावजूद इसके संगठनात्मक ढांचे में कोई फेरबदल नहीं हुआ।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मानना है कि हालिया चुनावी हार के लिए जिम्मेदार नेताओं को संरक्षण दिया जा रहा है। इससे पार्टी की जमीनी पकड़ कमजोर हो रही है और जनता के बीच भी गलत संदेश जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह स्थिति कांग्रेस संगठन की पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उनका मानना है कि अगर जल्द ही संगठनात्मक सुधार नहीं हुए, तो पार्टी की साख और भी प्रभावित हो सकती है।







