राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की हड़ताल अब गंभीर मोड़ पर पहुँच चुकी है। रायपुर से मिली जानकारी के अनुसार 15 दिनों से अधिक समय से चल रही इस हड़ताल के चलते प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। सरकार ने कर्मचारियों को कई बार काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया, लेकिन किसी भी कर्मचारी ने काम पर वापसी नहीं की।
राज्य सरकार ने कल शाम चार बजे तक का समय दिया था कि सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौट आएँ। इसके बावजूद जब किसी ने भी आदेश का पालन नहीं किया, तो अब सरकार ने कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार हड़ताली स्वास्थ्यकर्मियों की सूची तैयार कर ली गई है और किसी भी समय उनके खिलाफ बर्खास्तगी के आदेश जारी किए जा सकते हैं।
प्रदेश में इस समय 16 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर हैं। इससे ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार का मानना है कि इस प्रकार की हड़ताल आम जनता के जीवन से खिलवाड़ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
लिहाजा, सरकार ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जो भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटेगा, उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। अब देखना होगा कि इस सख्त रुख के बाद NHM कर्मचारी क्या निर्णय लेते हैं और क्या स्वास्थ्य व्यवस्था सामान्य हो पाती है।







