जगदलपुर मेडिकल कॉलेज डिमरापाल (मेकाज) के पोर्च से ठीक 100 मीटर पहले मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब गर्भवती महिला को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस अचानक धधक उठी। हालांकि, ड्राइवर और स्टाफ की सूझबूझ ने महिला की जान बचा ली। उन्होंने तुरंत गर्भवती को बाहर निकालकर सुरक्षित वार्ड तक पहुंचाया। इसके बाद अस्पताल कर्मियों और फायर टीम की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
कैसे लगी आग?
जानकारी के मुताबिक, आसना की रहने वाली गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस से मेकाज लाया जा रहा था। एंबुलेंस जैसे ही अस्पताल गेट पार कर पोर्च तक पहुंची, तभी उसमें आग लग गई। ड्राइवर ने तुरंत गाड़ी रोककर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और वार्ड भिजवाया। इसके बाद मदद के लिए अस्पताल कर्मियों को बुलाया गया।
कर्मचारियों ने मिलकर बुझाई आग
अस्पताल सुरक्षा गार्ड, फायरमैन, इलेक्ट्रिशियन और आयुष्मान विभाग के स्टाफ ने मिलकर फायर पाइप और सिलेंडर की मदद से आग बुझाई। भारी बारिश के बावजूद सभी कर्मचारी लगातार जुटे रहे। इस दौरान अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू भी बचाव कार्य में सक्रिय रहे। आखिरकार घंटों की मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।
महिला ने जुड़वां बच्चों को दिया जन्म
अग्निकांड के बाद अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू ने मौके पर मौजूद सभी कर्मियों की सराहना की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने गायनिक वार्ड में जाकर महिला के इलाज की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। राहत की बात यह रही कि गर्भवती महिला ने सुरक्षित रूप से जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।
अस्पताल प्रबंधन का बयान
डॉ. साहू ने कहा कि अस्पताल स्टाफ ने सही समय पर सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल कर एक बड़ी दुर्घटना टाल दी। उनकी टीमवर्क और तत्परता सराहनीय है।







