शिक्षा किसी भी समाज और प्रदेश के भविष्य की नींव होती है। इसी सोच के साथ स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने स्पष्ट किया कि बच्चों को शिक्षित करना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विद्यालयों में शिक्षा कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और शिक्षण को विभागीय कार्यप्रणाली का केंद्र बिंदु बनाएं। उन्होंने मंत्रालय महानदी भवन में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा से ही समाज और प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालयों में पढ़ाई की नियमित निगरानी आवश्यक है ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। यह जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के प्रत्येक अधिकारी की है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी स्कूलों में शिक्षण का स्तर ऊँचा हो।
श्री यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अपने क्षेत्र की प्रत्येक शाला की वास्तविक स्थिति की गहन जानकारी रखनी चाहिए। केवल तभी यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि शिक्षा की गुणवत्ता हर बच्चे तक पहुँच सके और प्रदेश का उज्जवल भविष्य तैयार हो।



