छत्तीसगढ़ की साय सरकार भले ही राज्य के किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करती हो, लेकिन कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट की स्थिति कुछ और ही बयां करती है. वेबसाइट पर मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री की तस्वीरों को छोड़कर लगभग सभी महत्वपूर्ण जानकारियां पुरानी हैं.
वेबसाइट पर मौजूद आंकड़ों के अनुसार, राज्य में पिछली कृषक गणना (Agriculture Census) 2011 की है. यानी, पिछले 14 सालों से विभाग के पास किसानों की संख्या, उनकी जोत और अन्य महत्वपूर्ण डेटा को लेकर कोई ताजा जानकारी नहीं है. इसी तरह, विभिन्न फसलों की पैदावार और रकबे (Area) से जुड़ी जानकारी भी पांच साल से अधिक पुरानी है.

यह स्थिति किसानों के लिए बड़ी समस्या बन रही है. जब किसान किसी सरकारी योजना का लाभ उठाने या अपनी फसल से जुड़ी नवीनतम जानकारी पाने के लिए वेबसाइट पर जाते हैं, तो उन्हें निराशा ही हाथ लगती है. पुरानी जानकारी के कारण, वे सही निर्णय नहीं ले पाते और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी उन्हें दिक्कतें आती हैं.
कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि आधुनिक कृषि के लिए नवीनतम और सटीक डेटा बहुत जरूरी है. जब विभाग के पास ही अपडेटेड जानकारी नहीं होगी, तो वह किसानों के लिए प्रभावी नीतियां कैसे बना पाएगा? विभाग को चाहिए कि वह वेबसाइट को तुरंत अपडेट करे और इसे किसानों के लिए एक उपयोगी टूल बनाए, न कि सिर्फ एक औपचारिकता।



