रायपुर। क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी पर लगे 3% कमीशन मांगने के गंभीर आरोपों के बाद अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर कुछ वेंडरों ने एक माह पहले मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत कर यह दावा किया था कि सवन्नी ने पूर्व में किए गए कार्यों के बदले कमीशन मांगा, वहीं अब एक कथित संगठन उनके समर्थन में सामने आया है।
इस संगठन का नाम छत्तीसगढ़ सोलर बिजनेस वेलफेयर एसोसिएशन बताया जा रहा है, जिसने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए सवन्नी के प्रति आस्था जताई है और उनके खिलाफ की गई शिकायत को निराधार करार दिया है। इस पत्र में उल्लेख किया गया है कि शिकायत करने वालों ने अपने नाम और पते स्पष्ट नहीं लिखे, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
हालांकि, समर्थन में सामने आए इस संगठन की साख और विश्वसनीयता खुद भी सवालों के घेरे में है। पत्र में न तो संगठन के अध्यक्ष का नाम लिखा गया है, न ही कोई फोन या मोबाइल नंबर। यहां तक कि पत्र में किसी प्रकार की सरकारी मुहर या सीएम सचिवालय की रिसीविंग सील भी नहीं लगी है।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह पत्र वास्तव में मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचा भी है या नहीं, इसकी पुष्टि CMO Chhattisgarh ही कर सकता है। इस कथित समर्थन पत्र की प्रति विभिन्न समाचार वेबसाइट्स पर उपलब्ध है, लेकिन इसकी प्रमाणिकता संदेहास्पद बनी हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आलोचक मानते हैं कि यह “डैमेज कंट्रोल” कहीं खुद सवन्नी के लिए “सेल्फ गोल” साबित न हो जाए।







