कोरबा: जिले के करतला क्षेत्र में गुरुवार देर रात मूसलधार बारिश ने तबाही मचा दी। आधी रात 12 बजे से तड़के 3 बजे तक हुई तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खरसिया से कोरबा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर स्थित छिंदई नाला उफान पर है, जिससे बांधापाली और घिनारा के बीच आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। परिणामस्वरूप लगभग 20 गांवों का संपर्क टूट गया है और लोग टापू जैसे हालात में फंसे हुए हैं।
करतला बना सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र
जिले में हो रही बारिश अब रुक-रुक कर भारी वर्षा का रूप ले चुकी है, जिसमें करतला ब्लॉक सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। भारी वर्षा के चलते नदी-नालों में पानी भर गया है, जिससे स्कूली छात्रों को घरों में ही रुकना पड़ा। सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों और आंगनबाड़ी केंद्रों में कर्मचारी समय पर नहीं पहुंच पाए। वहीं साप्ताहिक बाजारों की रौनक भी फीकी पड़ गई।
छिंदई नाला की पुलिया फिर बनी बाधा
ग्रामीणों का कहना है कि छिंदई नाला की पुलिया साल-दर-साल जलभराव के कारण परेशानी खड़ी करती है। ऊंचाई बढ़ाने की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही से आज भी गांवों का संपर्क टूट जाता है।
खेती और बिजली व्यवस्था पर असर
वर्षा के साथ तेज गर्जना के कारण कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। खेतों में पानी भरने से हाल ही में की गई रोपाई बह गई है। किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी। सब्जियों की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
सड़कों की हालत बद से बदतर
करतला क्षेत्र की सड़कें बारिश में बेहाल हो गई हैं। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनी सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। नालियों की व्यवस्था न होने से बारिश का पानी जमा हो गया है। सुपातराई, बांधापाली और लबेद के आसपास की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिन पर रेत ढुलाई के भारी वाहनों से हालात और खराब हो गए हैं।
हाथियों से खतरे की घंटी
भारी बारिश के कारण जंगलों में जलभराव हो गया है, जिससे हाथियों का विचरण बाधित हुआ है और वे अब रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने लगे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। कुदमुरा रेंज में फिलहाल 23 हाथियों का दल मौजूद है। हाल ही में एक महिला की हाथी हमले में जान जा चुकी है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।







