नई दिल्ली। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए गूगल ने IIT बॉम्बे के BharatGen प्रोजेक्ट के साथ साझेदारी की है। इस पहल के तहत देशी भाषाओं में AI तकनीक को सशक्त किया जाएगा, जिसमें स्पीच रिकग्निशन और टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसे प्रमुख लोकल टूल्स विकसित किए जाएंगे।
बेंगलुरु में आयोजित Google I/O Connect India 2025 कार्यक्रम में गूगल डीपमाइंड के इंडिया और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के सीनियर डायरेक्टर मनीष गुप्ता ने इस साझेदारी की घोषणा की। उन्होंने बताया कि गूगल की रिसर्च को भारत के स्थानीय संदर्भों में लागू कर समाजिक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
AI आधारित टूल्स जैसे AlphaFold की सहायता से 1.5 लाख से अधिक वैज्ञानिक गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर और ऑटोइम्यून रोगों पर अनुसंधान कर रहे हैं।
छात्रों को मिलेगा AI टूल्स का मुफ्त एक्सेस
गूगल ने भारत के सभी छात्रों को एक वर्ष के लिए Google AI Pro Plan का फ्री सब्सक्रिप्शन देने की घोषणा की है, जिससे वे एडवांस AI टूल्स और फीचर्स का लाभ उठा सकें।
‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनेंगे देशी AI मॉडल
इंडिया AI मिशन के तहत Sarvam, Soket AI और Gnani जैसे भारतीय स्टार्टअप्स गूगल के Gemma मॉडल पर आधारित देशी AI टूल्स विकसित कर रहे हैं। Sarvam-Translate ऐसा ही एक AI टूल है जो भारतीय भाषाओं के सटीक और लंबी अनुवाद में सक्षम है।
डेवलपर्स को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
गूगल ने 250 मिलियन से अधिक स्थानों की नई डेटा जानकारी के साथ Google Maps को अपडेट किया है। साथ ही गेम डेवलपर्स के लिए Unity के सहयोग से मुफ्त ट्रेनिंग कोर्स की शुरुआत की है। जल्द ही Gen AI Exchange Hackathon का आयोजन भी होगा, जो नए डेवलपर्स को इनोवेशन का मंच देगा।



