रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की कार्रवाई लगातार जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जांच एजेंसी तीसरे दिन भी पूछताछ करती रही। ईडी ने उनसे संपत्तियों, निवेश और आय के स्रोतों को लेकर गहन सवाल किए हैं। साथ ही व्हाट्सएप मैसेज और चैट्स को लेकर भी विस्तार से जानकारी मांगी गई है, लेकिन अब तक एजेंसी को स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने चैतन्य बघेल से यह जानना चाहा कि शराब सिंडिकेट से कथित तौर पर मिले हजार करोड़ रुपये से अधिक की नगदी कैसे और किन माध्यमों से उन तक पहुंची? इसके अलावा वह धनराशि कहां-कहां निवेश की गई और कितना हिस्सा कमीशन के रूप में मिला, इस पर भी सवाल पूछे गए।
सभी आरोपों से इनकार
जवाब में चैतन्य बघेल ने खुद को प्रॉपर्टी व्यवसायी बताते हुए कहा कि उनकी आमदनी का मुख्य जरिया कृषि और जमीन कारोबार है। उन्होंने व्हाट्सएप चैट्स की जानकारी होने से इंकार किया और आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। वहीं, ईडी का दावा है कि उनके पास वित्तीय लेन-देन और कथित घोटाले से जुड़े सबूत हैं।
घोटाले के अन्य किरदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी
ईडी की अगली पूछताछ की सूची में अब कई नाम शामिल हैं—जैसे अनवर ढेबर, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, केके श्रीवास्तव, विजय अग्रवाल, उनकी बेटी रूही, भतीजा राहुल अग्रवाल और बसंत अग्रवाल। ये सभी शराब घोटाले की रकम को इधर-उधर करने के मामलों में संदिग्ध बताए जा रहे हैं।
शादी में मिली थी लग्जरी कार
एक और अहम खुलासा यह है कि महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ने चैतन्य बघेल को उनके विवाह पर एक जगुआर कार गिफ्ट की थी। ईडी इस संबंध में भी जांच कर रही है कि कार की खरीद और मनपसंद नंबर के लिए बड़ी रकम किसने और कैसे खर्च की।






