छत्तीसगढ़ विधानसभा ब्रेकिंग- DAP खाद की किल्लत पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा, विपक्ष ने उठाया कालाबाजारी का मुद्दा

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मंगलवार का सत्र DAP खाद की भारी कमी और कथित कालाबाजारी के मुद्दे पर गरमा गया। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में किसानों को खाद आपूर्ति में हो रही दिक्कतों को लेकर सरकार को घेरा। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोकझोंक और हंगामा हुआ, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

उमेश पटेल ने पूछा– लक्ष्य से कम क्यों हुआ भंडारण?

विधानसभा में उमेश पटेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2025 के लिए राज्य सरकार ने 3.10 लाख मीट्रिक टन DAP खाद का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक केवल 1.08 लाख मीट्रिक टन खाद ही किसानों को उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने यह भी पूछा कि उपलब्ध खाद का कितना हिस्सा किसानों को दिया गया और कितना निजी व्यापारियों को?

मंत्री नेताम का जवाब– देशभर में कमी, नैनो यूरिया विकल्प में

इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब देते हुए बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 1.72 लाख मीट्रिक टन DAP खाद उपलब्ध है और अगले पांच दिनों में 18,855 मीट्रिक टन और आने वाला है। उन्होंने कहा कि खाद की आपूर्ति में अनियमितता एक राष्ट्रीय समस्या है और भारत सरकार से लगातार संपर्क में हैं।

उन्होंने बताया कि DAP की कमी को देखते हुए नैनो यूरिया को वैकल्पिक खाद के रूप में कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर प्रमोट किया जा रहा है। पहले खाद वितरण का अनुपात 60 प्रतिशत सहकारी समितियों और 40 प्रतिशत निजी क्षेत्र का था, लेकिन अब निर्णय लिया गया है कि आगे से संपूर्ण DAP खाद केवल सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को दी जाएगी।

भूपेश बघेल का हमला – कालाबाजारी क्यों नहीं रुकी?

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्री के उत्तर पर असंतोष जताते हुए कहा,

“जब खाद की किल्लत है, तो निजी क्षेत्र को अधिक मात्रा में खाद क्यों दी गई? इसी वजह से सोसायटी में किसानों को खाद नहीं मिल रहा। कई स्थानों पर खुलेआम कालाबाजारी हो रही है और अमानक खाद भी सप्लाई की गई है।”

कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने भी मंत्री के लिखित जवाब का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने दावा किया है कि 64% खाद सोसायटी को और 36% निजी क्षेत्र को दी गई है, जबकि वास्तविक वितरण इससे भिन्न है और निजी व्यापारियों को अधिक खाद देने का आरोप है।

हंगामा, नारेबाजी और कार्यवाही स्थगित

जब विपक्ष को मंत्री के जवाब से संतोष नहीं हुआ तो कांग्रेस विधायक वेल में उतर गए और नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में “किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारों के बीच विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। कार्यवाही पुनः शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा।

विधानसभा अध्यक्ष का निर्देश – निजी को नहीं, केवल किसानों को खाद दें

विधानसभा अध्यक्ष ने मामले पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि आगे से DAP खाद शत-प्रतिशत किसानों को ही सहकारी समितियों के माध्यम से दिया जाए, निजी क्षेत्र को नहीं।

इस पर मंत्री नेताम ने कहा,

“हम अब केवल किसानों को ही खाद उपलब्ध कराएंगे, निजी क्षेत्र को सप्लाई नहीं दी जाएगी।”

छत्तीसगढ़ में खाद संकट राजनीतिक बहस का केंद्र बिंदु बन चुका है। सरकार अब किसानों को राहत देने की दिशा में खाद की सीधी आपूर्ति का भरोसा तो दे रही है, लेकिन विपक्ष की मांग है कि पूर्व में हुई अनियमितताओं की जांच हो और कालाबाजारी पर कठोर कार्रवाई की जाए।

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