कर्नाटक:कर्नाटक के एक प्रसिद्ध मंदिर में उस वक्त माहौल गरमा गया जब सरकारी अधिकारी मंदिर की हुंडी (दान पेटी) का पैसा इकट्ठा करने पहुंचे। मंदिर में मौजूद पुजारियों और भक्तों ने इसका तीव्र विरोध करते हुए कहा – “पहले चर्च और मस्जिद में जाकर दान संग्रह करो, फिर मंदिर आना।”
पुजारियों के इस साहसी और स्पष्ट विरोध को लेकर सोशल मीडिया पर भी जमकर चर्चा हो रही है। कई लोग इसे धर्मस्थलों के प्रति दोहरी नीतियों के खिलाफ आवाज के रूप में देख रहे हैं।
एक भक्त ने कहा – “मंदिरों का पैसा केवल मंदिर और हिंदू समाज की सेवा में लगना चाहिए, न कि सरकारी तिजोरी में।”
यह मामला राज्य में मंदिरों के संचालन और दान के उपयोग को लेकर जारी बहस को और तेज कर सकता है।



