भोपाल।राष्ट्रीय स्तर की टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या से जुड़ा मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी पिता दीपक यादव ने बेटी को गोली मारने से पहले तीन दिन तक मानसिक तनाव और गुस्से में समय बिताया। इस दौरान उसने आत्महत्या करने का भी विचार किया था, लेकिन अंततः उसने अपनी बेटी की जान ले ली।
गांव में तानों ने भड़काया गुस्सा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दीपक यादव हाल ही में अपने गांव गया था, जहां कुछ ग्रामीणों ने उसे “बेटी की हर बात मानने वाला कमजोर पिता” बताया। इस अपमान ने उसे भीतर तक झकझोर दिया। पहले से ही अपनी पत्नी और बेटी पर शक करने वाला दीपक, और अधिक क्रोधित हो गया।
बेटी के करियर में पूरी मदद, फिर भी शक
राधिका के करियर में पिता ने हर संभव साथ दिया। उसकी टेनिस अकादमी खोलने के लिए उन्होंने दो करोड़ रुपये तक लगाए। यहां तक कि जब राधिका ने एक म्यूजिक वीडियो में काम करने की इच्छा जताई, तो दीपक उसे शूटिंग सेट तक भी ले गया। लेकिन इन सबके बावजूद, उसका गुस्सैल और संदेहपूर्ण स्वभाव हावी रहा।
बेटी से कहा- अकादमी बंद करो
गांव से लौटने के बाद दीपक ने राधिका से कहा कि वह अपनी टेनिस अकादमी बंद कर दे। लेकिन राधिका ने इसका विरोध किया। इसी के बाद से दीपक गहरे मानसिक तनाव और गुस्से में डूब गया।
आखिरी फैसला – गोली मार दी
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को जब राधिका रसोई में खाना बना रही थी, तब दीपक घर में दाखिल हुआ और उस पर पांच गोलियां चला दीं। चार गोलियां लगने से राधिका की मौके पर ही मौत हो गई।







